सचिन के बगैर हो गई स्व. राजेश
पायलट की स्मृति में क्रिकेट प्रतियोगिता केन्द्रीय
संचार राज्यमन्त्री सचिन पायलट अजमेर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के
सदस्य हैं। चूंकि सचिन पायलट केन्द्रीय राजनीति में जोरदार दखल
रखते हैं, इसलिए अजमेर के कांग्रेसी नेता उनका विशवासपात्र बनना
चाहते है। यह बात अलग है कि अजमेर के अधिकांश कांग्रेसियों की सचिन
पायलट कोई इज्जत नहीं करते। वैसे भी जिला स्तर के नेताओं की सचिन
के सामने कोई हैसियत नहीं है, लेकिन आदत से मजबूर कांग्रेसी ऐसा
कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते जिसमें वे पीछे रह जायें। कुछ इसी
उद्देश्य से अजमेर के कांग्रेसियों ने सचिन पायलट के पिता स्व.
राजेश पायलट की स्मृति में एक क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया।
इस प्रतियोगिता पर लाखों रूपये खर्च किए गए। अजमेर के जिस पटेल
मैदान पर 26 जनवरी और 15 अगस्त के बड़े सरकारी समारोह होते हैं ,
उसी पर धड़ल्ले से क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता
के समारोह में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को जबरन
लाया गया। कांग्रेसियों को उम्मीद थी कि स्व. राजेश पायलट की
स्मृति में हो रही प्रतियोगिता में सचिन पायलट जरूर आयेंगे, लेकिन
एक सप्ताह तक चली क्रिकेट प्रतियोगिता में एक दिन भी सचिन पायलट
नहीं आए। आयोजकों ने अपनी झेंप मिटाने के लिए कहा कि सचिन पायलट
देश की राजनीति में व्यस्त हैं , इसलिए अजमेर नहीं आ पा रहे हैं।
हालांकि अभी सचिन पायलट ने इस बात का खुलासा नहीं किया है जो
क्रिकेट प्रतियोगिता उनके स्व. पिता राजेश पायलट की स्मृति में
आयोजित की गई उसमें वे क्यों नहीं आए? सचिन पायलट को इस मुद्दे पर
अपनी स्थिति स्पष्ट करनी ही चाहिए क्योंकि ताजा परिस्थितियों में
अजमेर में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आम मतदाता के मन में
यह सवाल उठ रहा है कि क्या देश की राजनीति के चक्कर में सचिन
पायलट अपने स्व. पिता राजेश पायलट को भी भूल गए हैं? जबकि यह आयोजन
उनके निर्वाचन क्षेत्र में ही हुआ। कोई साधारण समारोह होता और
उसमें सचिन पायलट न आते तो खास बात नहीं थी, लेकिन अपने ही पिता की
स्मृति में आयोजित समारोह में न आना महत्वपूर्ण मुद्दा है। जहां तक
आयोजकों का सवाल हैं तो कांग्रेसी होने के नाते उनमें इतनी समझ तो
है ही लाखों रूपया व्यर्थ नहीं करना चाहिए।
यदि आयोजकों को यह पता होता कि सचिन पायलट अपने ही निर्वाचन
क्षेत्र में अपने ही पिता की स्मृति में आयोजित सात दिवसीय समारोह
में भी नहीं आयेंगे तो वे कभी भी आयोजन नहीं करते। सचिन पायलट के
पिता राजेश पायलट का निधन हुए करीब दस वर्ष हो गए, लेकिन किसी भी
कांग्रेसी ने अजमेर में आज तक कोई आयोजन नहीं किया। यदि
कांग्रेसियों को स्व. राजेश पायलट के प्रति कोई श्रद्धा होती तो
बीते दस वषोंü में एक श्रद्धाजंलि सभा तो करते। जो भी हो इस
क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन से कांग्रेस और अजमेर के सांसद सचिन
पायलट की फजीहत ही हुई है।