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भारत
के राष्टपति ए.पी.जे.
अब्दुल कलाम
के साथ भभक के संपादक
एस.पी.मितल
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महान
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन
चिश्ती और जगतपिता ब्रह्मा
की धार्मिक नगरी अजमेर (राजस्थान,
भारत)
से भभक समाचार पत्र का
प्रकाशन गत 40 वर्षों
से नियमित हो रहा है। मेरे स्वर्गीय पिता श्री कृष्णगोपालजी
गुप्ता ने अपने संघर्ष के
दिनों में भभक का प्रकाशन
मजदूर, गरीब
और जरूरतमंद की आवाज
बुलन्द करने के लिए शुरू
किया था। मैंने आज भी भभक
के प्रकाशन को जारी रखा
है। इन्टरनेट की तकनीक के
माध्यम से अब भभक कंप्यूटर की
स्क्रीन पर आप पूरे विश्व
में कहीं भी देख सकेंगे।
मैं भभक के तेवर के बारे
में सिर्फ ही बताना चाहता
हूं कि 1975 में जब भारत में
आपातकाल लागू हुआ,
तब
लोकतंत्र का गला घोंटने
के अभियान के अन्तर्गत
सरकार ने भभक के प्रकाशन
पर भी रोक लगा दी। उस समय
मेरे पिता स्व.
कृष्णगोपालजी गुप्ता ने
प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया
में दस्तक दी। कौंसिल ने
माना कि भभक का प्रकाशन
रोकना नियम विरुद्ध है।
संसद में तत्कालीन सूचना
एवं प्रसारण मंत्री
लालकृष्ण आड़वाणी ने कहा
कि आपातकाल में राजस्थान
से भभक समाचार पत्र के संपादक
ने ही प्रेस कौंसिल ऑफ
इण्डिया में जाने की हिम्मत की।
कुछ ऐसे ही तेवरों के साथ
भभक का प्रकाशन नए साधनों
में किया जा रहा है।
प्रत्येक
माह की प्रथम और 16 तारीख के
भभक पाक्षिक के अंक आपको
इन्टरनेट पर उपल4ध होंगे।
आप चाहे तो डाक के जरिए भी
भभक की प्रति मंगवा सकते
हैं। बड़ी संख्या में
पाठकों को भभक डाक एवं
अन्य साधनों से भी
प्रेषित किया जा रहा है।
जहां तक मेरे पत्रकारिता
के सफर का सवाल है तो मुझे
भी लगभग 27
वर्ष पत्रकारिता के
क्षेत्र में हो गए हैं। 1982
में जब देश के सर्वाधिक
प्रकाशित हिन्दी दैनिक
पंजाब केसरी का दिल्ली
संस्करण शुरू हुआ,
तब से
ही दैनिक समाचार पत्रों
से जुड़ गया। पहले
राजस्थान के हिन्दी दैनिक
राष्ट्रदूत में लगभग 12 वर्षों तक
कार्य किया। मेरे
कार्यकाल में ही
राष्ट्रदूत का अजमेर से
प्रकाशन भी शुरू हुआ। इससे
पहले राष्ट्रदूत जयपुर,
कोटा
और बीकानेर से प्रकाशित
हो रहा था। इसके बाद दैनिक
भास्कर का प्रकाशन जब
अजमेर से शुरू होने वाला
था, तब
अजमेर कार्यालय के लिए
सर्वप्रथम मेरी नियुक्ति ब्यूरो
चीफ के पद पर हुई। मैंने
भास्कर में छह वर्ष तक
कार्य किया,
लेकिन
वर्ष 2002 में मैंने प्रिन्ट
मीडिया की लाइन को छोड़कर इलेक्ट्रोनिक मीडिया
में प्रवेश किया।
अन्तर्राष्ट्रीय
तीर्थनगरी अजमेर में केबल
पर अजमेर अब तक टी.वी.
न्यूज चैनल का प्रसारण कर
अपनी अलग पहचान बनाई।
शीघ्र ही इस चैनल को अजमेर
जिले में फैला दिया। इस
सफलता के बाद भास्कर
समाचार समूह के भास्कर टी.वी.
ने अजमेर के केबल नेटवर्क
पर अपना एकाधिकार कर लिया।
जिससे हमें अजमेर अब तक टी.वी.
न्यूज चैनल का प्रसारण
बन्द करना पड़ा। मुझे उम्मीद है
कि इन्टरनेट की तकनीक से
अब मैं अपना लेखन दुनिया
भर के लोगों के सामने
प्रस्तुत कर सकूंगा।
एस.पी.
मितल
संपादक
- भभक समाचार पत्र
संपादक
एस.पी.मितल
बंगाली
गली कचहरी रोड़
अजमेर
राजस्थान भारत
फोन
नंबर +91-9829071511,
0145-2601511
ई-मेल
: editor@bhabhak.com
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